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mahabharat 7.94.42: ययाति, धुन्धुमार तथा नहुष के पुत्र भागीरथ आदि सभी राजा सदैव आपका कल्याण करें। ॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  7.94.42 
ययातिर्नाहुषश्चैव धुन्धुमारो भगीरथ:।
तुभ्यं राजर्षय: सर्वे स्वस्ति कुर्वन्तु ते सदा॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
ययाति, धुन्धुमार तथा नहुष के पुत्र भागीरथ आदि सभी राजा सदैव आपका कल्याण करें। ॥ 42॥
 
May all the kings like Yayati, Dhundhumar and Bhagiratha, the son of Nahusha, always do good to you. ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)