श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.94.34 
अद्भुतं चाद्य पश्यन्तु लोके सर्वधनुर्धरा:।
विषक्तं त्वयि कौन्तेयं वासुदेवस्य पश्यत:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
आज संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष कुन्तीकुमार अर्जुन का आपसे युद्ध करने का अद्भुत प्रसंग देखो॥34॥
 
Today, see the wonderful incident of Kuntikumar Arjun engaging in battle with you in front of Lord Krishna, the best archer of the world. 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)