Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.94.33: द्रोणाचार्य बोले, "कुरुपुत्र! तुम ठीक कहते हो। अर्जुन निश्चय ही अजेय योद्धा है। किन्तु मैं ऐसा उपाय ढूँढ़ूँगा जिससे तुम उसका वेग सहन कर सको।" | mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणाचार्य बोले, "कुरुपुत्र! तुम ठीक कहते हो। अर्जुन निश्चय ही अजेय योद्धा है। किन्तु मैं ऐसा उपाय ढूँढ़ूँगा जिससे तुम उसका वेग सहन कर सको।"
Dronacharya said, "Son of Kuru! You are right. Arjuna is certainly an invincible warrior. But I will find a way by which you will be able to bear his speed." 33.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥