राजा शूर: कृती दक्षो वैरमुत्पाद्य पाण्डवै:।
वीर स्वयं प्रयाह्यत्र यत्र पार्थो धनंजय:॥ २६॥
अनुवाद
आप राजा हैं, वीर योद्धा हैं, विद्वान हैं और युद्ध-कुशल हैं। वीर! आपने ही पाण्डवों में शत्रुता उत्पन्न की है। अतः जहाँ कहीं भी कुन्तीकुमार अर्जुन गए हों, वहाँ शीघ्रता से जाकर उनसे युद्ध करो॥ 26॥
You are a king, a brave warrior, a learned man and skilled in warfare. Brave! You are the one who has created enmity between the Pandavas. Therefore, wherever Kuntikumar Arjun has gone, you should go there quickly to fight with him.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥