श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.94.20 
सारथि: प्रवर: कृष्ण: शीघ्राश्चास्य हयोत्तमा:।
अल्पं च विवरं कृत्वा तूर्णं याति धनंजय:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण अर्जुन के सर्वश्रेष्ठ सारथी हैं और उनके श्रेष्ठ घोड़े भी तीव्र गति से चलते हैं। इसलिए थोड़ा-सा भी अवकाश पाकर अर्जुन तुरंत सेना में प्रवेश कर जाते हैं।
 
Shri Krishna is the best charioteer of Arjun and his best horses are also fast moving. Therefore, after taking even a little leave, Arjun immediately enters the army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)