द्रोण उवाच
नाभ्यसूयामि ते वाक्यमश्वत्थाम्नासि मे सम:।
सत्यं तु ते प्रवक्ष्यामि तज्जुषस्व विशाम्पते॥ १९॥
अनुवाद
द्रोणाचार्य बोले - राजन! मुझे आपकी बात बुरी नहीं लगी; क्योंकि मेरे लिए आप अश्वत्थामा के समान हैं। किन्तु मैं आपसे सत्य कह रहा हूँ; इसे ध्यानपूर्वक सुनिए।
Dronacharya said - King! I do not feel bad about what you have said; because for me you are like Ashwatthama. But I am telling you the truth; listen to it carefully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥