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mahabharat 7.93.8: वे दोनों ही बलवान थे, अर्जुन के प्रतिद्वन्द्वी थे, पराक्रमी थे, कुलीन कुल में उत्पन्न थे और अपनी-अपनी भुजाओं से सुशोभित थे। दोनों ने अर्जुन पर दाएँ-बाएँ, दोनों ओर से बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.93.8 
बलिनौ स्पर्धिनौ वीरौ कुलजौ बाहुशालिनौ।
तावेनं शरवर्षाणि सव्यदक्षिणमस्यताम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों ही बलवान थे, अर्जुन के प्रतिद्वन्द्वी थे, पराक्रमी थे, कुलीन कुल में उत्पन्न थे और अपनी-अपनी भुजाओं से सुशोभित थे। दोनों ने अर्जुन पर दाएँ-बाएँ, दोनों ओर से बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Both of them were strong, were rivals of Arjuna, were valiant, were born in a noble family and were adorned with their arms. Both of them started showering arrows on Arjuna from right and left. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)