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mahabharat 7.93.70: उस समय सैकड़ों हाथियों और घोड़ों से घिरे हुए, रथियों की सेना में प्रवेश करते हुए, कुन्तीपुत्र अर्जुन बादलों के पीछे छिपे हुए सूर्य के समान प्रकट हुए।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  7.93.70 
रथानीकावगाढश्च वारणाश्वशतैर्वृत:।
अदृश्यत तदा पार्थो घनै: सूर्य इवावृत:॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
उस समय सैकड़ों हाथियों और घोड़ों से घिरे हुए, रथियों की सेना में प्रवेश करते हुए, कुन्तीपुत्र अर्जुन बादलों के पीछे छिपे हुए सूर्य के समान प्रकट हुए।
 
At that time, entering the army of charioteers, surrounded by hundreds of elephants and horses, Arjuna, the son of Kunti, appeared like the Sun hidden behind clouds.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि अम्बष्ठवधे त्रिनवतितमोऽध्याय:॥ ९३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें अम्बष्ठवधविषयक तिरानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९३॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)