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mahabharat 7.93.68-69h: तब अर्जुन ने दो भालों से उसकी गदा सहित दोनों भुजाएँ काट डालीं, जो इन्द्र के ध्वज के समान उठी हुई थीं। एक अन्य पंखदार बाण से उसने उसका सिर भी काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 68-69h
 
 
श्लोक  7.93.68-69h 
तस्यार्जुन: क्षुरप्राभ्यां सगदावुद्यतौ भुजौ॥ ६८॥
चिच्छेदेन्द्रध्वजाकारौ शिरश्चान्येन पत्रिणा।
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने दो भालों से उसकी गदा सहित दोनों भुजाएँ काट डालीं, जो इन्द्र के ध्वज के समान उठी हुई थीं। एक अन्य पंखदार बाण से उसने उसका सिर भी काट डाला।
 
Then Arjuna cut off his two arms, including his mace, which were raised like the flag of Indra, with two lances and with another feathered arrow he cut off his head also.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)