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mahabharat 7.93.64-65h: भरतनन्दन! शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण को गदा से पीड़ित होते देख अम्बष्ठजी पर अत्यन्त क्रोधित हो उठे ॥64 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 64-65h
 
 
श्लोक  7.93.64-65h 
गदया ताडितं दृष्ट्वा केशवं परवीरहा॥ ६४॥
अर्जुनोऽथ भृशं क्रुद्ध: सोऽम्बष्ठं प्रति भारत।
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण को गदा से पीड़ित होते देख अम्बष्ठजी पर अत्यन्त क्रोधित हो उठे ॥64 1/2॥
 
Bharatnandan! Arjuna, the destroyer of enemy warriors, became very angry towards Ambastha after seeing Lord Krishna being hurt by his mace. 64 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)