Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.93.55-56h: जैसे मदमस्त हाथी अमृत पीकर सरकण्डों से भरे हुए वनों को रौंद डालता है, उसी प्रकार अर्जुन युद्धभूमि में घूमते हुए घोड़ों, रथों और हाथियों सहित अपने समस्त शत्रुओं का संहार करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे मदमस्त हाथी अमृत पीकर सरकण्डों से भरे हुए वनों को रौंद डालता है, उसी प्रकार अर्जुन युद्धभूमि में घूमते हुए घोड़ों, रथों और हाथियों सहित अपने समस्त शत्रुओं का संहार करने लगे।
Just as a drunken elephant, gushing with nectar, tramples the reed-covered forests, similarly Arjuna roamed the battlefield killing all his enemies including horses, chariots and elephants. 55 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥