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mahabharat 7.93.49: अर्जुन के तीखे बाणों से घायल होकर जो हाथी और घोड़े पर सवार म्लेच्छ भूमि पर गिर पड़े थे, उन म्लेच्छों का रक्त कौए, बगुले और भेड़िये आनन्दपूर्वक पी रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.93.49 
गजाश्वसादिम्लेच्छानां पतितानां शितै: शरै:।
बला: कंका वृका भूमावपिबन् रुधिरं मुदा॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के तीखे बाणों से घायल होकर जो हाथी और घोड़े पर सवार म्लेच्छ भूमि पर गिर पड़े थे, उन म्लेच्छों का रक्त कौए, बगुले और भेड़िये आनन्दपूर्वक पी रहे थे।
 
Crows, herons and wolves were happily drinking the blood of those elephant-riding and horse-riding mlecchas who had fallen to the ground after being struck by Arjun's sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)