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mahabharat 7.93.46: तब अर्जुन ने तुरन्त ही उन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उनकी बाणों की वर्षा टिड्डियों के दल के समान प्रतीत हो रही थी। 46.   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.93.46 
तेषामपि ससर्जाशु शरवृष्टिं धनंजय:।
सृष्टिस्तथाविधा ह्यासीच्छलभानामिवायति:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने तुरन्त ही उन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उनकी बाणों की वर्षा टिड्डियों के दल के समान प्रतीत हो रही थी। 46.
 
Then Arjun immediately started showering arrows on them. His shower of arrows appeared like the creation of swarms of locusts. 46.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)