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mahabharat 7.93.45: नाना प्रकार के युद्धकला में निपुण वे समस्त म्लेच्छ पाण्डवपुत्र अर्जुन पर तीखे बाणों की वर्षा करके उसे ढकने लगे ॥ 45॥   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.93.45 
अभ्यवर्षन्त ते सर्वे पाण्डवं निशितै: शरै:।
अवाकिरंश्च ते म्लेच्छा नानायुद्धविशारदा:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
नाना प्रकार के युद्धकला में निपुण वे समस्त म्लेच्छ पाण्डवपुत्र अर्जुन पर तीखे बाणों की वर्षा करके उसे ढकने लगे ॥ 45॥
 
All those mlecchas, skilled in various kinds of warfare, began showering sharp arrows on Pandava's son Arjuna and covering him. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)