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mahabharat 7.93.37: अर्जुन के तीखे बाणों से घायल होकर अनेक म्लेच्छ सैनिक हाथी की पीठ पर लेट गए। उनके विभिन्न रूप अत्यंत विकृत दिखाई देने लगे। 37.   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.93.37 
निहता: शेरते स्मान्ये बीभत्सोर्निशितै: शरै:।
गजपृष्ठगता म्लेच्छा नानाविकृतदर्शना:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के तीखे बाणों से घायल होकर अनेक म्लेच्छ सैनिक हाथी की पीठ पर लेट गए। उनके विभिन्न रूप अत्यंत विकृत दिखाई देने लगे। 37.
 
After being struck by Arjun's sharp arrows, various mlechha soldiers lay down on the elephant's back. Their various forms looked very distorted. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)