Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.93.33: तब भयंकर रूप धारण किये हुए अर्जुन ने अपने गाण्डीव धनुष से छोड़े हुए बाणों से उन सभी आक्रमणकारियों के सिर और अलंकृत भुजाएँ शीघ्रतापूर्वक काट डालीं।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.93.33 
तेषामापततां शीघ्रं गाण्डीवप्रेषितै: शरै:।
निचकर्त शिरांस्युग्रो बाहूनपि सुभूषणान्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तब भयंकर रूप धारण किये हुए अर्जुन ने अपने गाण्डीव धनुष से छोड़े हुए बाणों से उन सभी आक्रमणकारियों के सिर और अलंकृत भुजाएँ शीघ्रतापूर्वक काट डालीं।
 
Then Arjuna, in a fierce form, quickly cut off the heads and ornamented arms of all those attackers with arrows shot from his Gāndīva bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)