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mahabharat 7.93.29: तब अर्जुन को बड़ा क्रोध आया और उसने दो क्षण में ही अपने मुड़े हुए बाणों से उन दोनों को यमराज के घर भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.93.29 
तावर्जुनो मुहूर्तेन शरै: संनतपर्वभि:।
प्रैषयत् परमक्रुद्धो यमस्य सदनं प्रति॥ २९॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन को बड़ा क्रोध आया और उसने दो क्षण में ही अपने मुड़े हुए बाणों से उन दोनों को यमराज के घर भेज दिया।
 
Then Arjuna became very angry and within two moments he sent both of them to the abode of Yamaraja with his arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)