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mahabharat 7.93.24: अर्जुन के उन बाणों से श्रुतायु और अच्युतायु के सिर कट गए। भुजाएँ छिन्न-भिन्न हो गईं। वे दोनों आँधी से उखड़कर गिरे हुए वृक्षों की भाँति भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.93.24 
तौ च फाल्गुनबाणौघैर्विबाहुशिरसौ कृतौ।
वसुधामन्वपद्येतां वातनुन्नाविव द्रुमौ॥ २४॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के उन बाणों से श्रुतायु और अच्युतायु के सिर कट गए। भुजाएँ छिन्न-भिन्न हो गईं। वे दोनों आँधी से उखड़कर गिरे हुए वृक्षों की भाँति भूमि पर गिर पड़े।
 
The heads of Shrutayu and Achyutayu were cut off by those arrows of Arjuna. The arms were disintegrated. Both of them fell to the ground like trees uprooted by a storm.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)