Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.93.22: उन बाणों ने उन दोनों महाधनुर्धरों को तथा उनके द्वारा छोड़े गए बाणों को भी चकनाचूर कर दिया। अर्जुन के बाणों से उन शत्रुओं के बाण टुकड़े-टुकड़े होकर आकाश में विचरण करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते जघ्नुस्तौ महेष्वासौ ताभ्यां मुक्तांश्च सायकान्।
विचेरुराकाशगता: पार्थबाणविदारिता:॥ २२॥
अनुवाद
उन बाणों ने उन दोनों महाधनुर्धरों को तथा उनके द्वारा छोड़े गए बाणों को भी चकनाचूर कर दिया। अर्जुन के बाणों से उन शत्रुओं के बाण टुकड़े-टुकड़े होकर आकाश में विचरण करने लगे।
Those arrows shattered those two great archers and also the arrows shot by them. The arrows of those enemies broke into pieces by Arjuna's arrows and started wandering in the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥