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mahabharat 7.93.12: उस बलवान शत्रु के द्वारा अत्यन्त घायल हुआ शत्रु अर्जुन स्वयं भी उस रणभूमि में श्रीकृष्ण को मोहित करते हुए अत्यन्त मूर्छित हो गया ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.93.12 
सोऽतिविद्धो बलवता शत्रुणा शत्रुकर्शन:।
जगाम परमं मोहं मोहयन् केशवं रणे॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उस बलवान शत्रु के द्वारा अत्यन्त घायल हुआ शत्रु अर्जुन स्वयं भी उस रणभूमि में श्रीकृष्ण को मोहित करते हुए अत्यन्त मूर्छित हो गया ॥12॥
 
The enemy, Arjun, who was badly injured by that powerful enemy, himself became extremely unconscious while captivating Shri Krishna in that battlefield. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)