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mahabharat 7.93.10: जैसे दो बादल मिलकर तालाब को भर देते हैं, उसी प्रकार क्रोध में भरे हुए उन दोनों वीरों ने झुके हुए सिरों वाले हजारों बाणों द्वारा अर्जुन को आच्छादित कर दिया॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 93: अर्जुनद्वारा श्रुतायु, अच्युतायु, नियतायु, दीर्घायु, म्लेच्छ-सैनिक और अम्बष्ठ आदिका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.93.10 
तावर्जुनं सहस्रेण पत्रिणां नतपर्वणाम्।
पूरयामासतु: क्रुद्धौ तटागं जलदौ यथा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जैसे दो बादल मिलकर तालाब को भर देते हैं, उसी प्रकार क्रोध में भरे हुए उन दोनों वीरों ने झुके हुए सिरों वाले हजारों बाणों द्वारा अर्जुन को आच्छादित कर दिया॥10॥
 
Just as two clouds fill a pond, similarly those two heroes filled with anger covered Arjuna with thousands of arrows having bent tips.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)