श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  7.92.76 
तत: सर्वाणि सैन्यानि व्यद्रवन्त सुतस्य ते।
हतं श्रुतायुधं दृष्ट्वा काम्बोजं च सुदक्षिणम्॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर श्रुतायुध और काम्बोजराजकुमार सुदक्षिण को मारा गया देखकर आपके पुत्र की सारी सेनाएँ वहाँ से भागने लगीं ॥76॥
 
Subsequently, seeing Shrutayudha and Kamboja prince Sudakshin killed, all your son's armies started fleeing from there. 76॥
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि श्रुतायुधसुदक्षिणवधे द्विनवतितमोऽध्याय:॥ ९२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें श्रुतायुध और सुदक्षिणका वधविषयक बानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९२॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)