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mahabharat 7.92.74-75h: अर्जुन ने बहुमूल्य आभूषणों से विभूषित और शिखरयुक्त पर्वत के समान सुन्दर नेत्रों वाले काम्बोजराज सुदक्षिण को एक ही बाण से मार डाला था ॥74 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  7.92.74-75h 
महार्हाभरणोपेत: सानुमानिव पर्वत:।
सुदर्शनीयस्ताम्राक्ष: कर्णिना स सुदक्षिण:॥ ७४॥
पुत्र: काम्बोजराजस्य पार्थेन विनिपातित:।
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने बहुमूल्य आभूषणों से विभूषित और शिखरयुक्त पर्वत के समान सुन्दर नेत्रों वाले काम्बोजराज सुदक्षिण को एक ही बाण से मार डाला था ॥74 1/2॥
 
Arjuna had killed the Kamboja prince Sudakshina, adorned with precious ornaments and having eyes as beautiful as a peaked mountain, with a single arrow. 74 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)