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mahabharat 7.92.67: एक विशाल उल्का की तरह धधकते हुए और चिंगारियां बिखेरते हुए, वह शक्तिशाली योद्धा अर्जुन की ओर बढ़ा, उसके शरीर को छेद दिया और पृथ्वी पर गिर गया।   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  7.92.67 
सा ज्वलन्ती महोल्केव तमासाद्य महारथम्।
सविस्फुलिङ्गा निर्भिद्य निपपात महीतले॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
एक विशाल उल्का की तरह धधकते हुए और चिंगारियां बिखेरते हुए, वह शक्तिशाली योद्धा अर्जुन की ओर बढ़ा, उसके शरीर को छेद दिया और पृथ्वी पर गिर गया।
 
Blazing like a huge meteor and scattering sparks, it went towards the mighty warrior Arjun, pierced his body and fell to the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)