श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  7.92.66 
सर्वपारशवीं चैव शक्तिं शूर: सुदक्षिण:।
सघण्टां प्राहिणोद् घोरां क्रुद्धो गाण्डीवधन्वने॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
वीर सुदक्षिण ने क्रोधित होकर गाण्डीवधारी अर्जुन पर लोहे का बना हुआ एक भयंकर घंटा चलाया ॥66॥
 
The brave Sudakshin became enraged and fired a fierce force consisting of a bell made entirely of iron on Gandiva-wearing Arjun. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)