Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.92.65: इसके बाद पाण्डुपुत्र अर्जुन ने दो अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों से सुदक्षिण को घायल कर दिया। तत्पश्चात सुदक्षिण भी तीन बाणों से पार्थ को घायल करके सिंह के समान दहाड़ने लगा। | mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भल्लाभ्यां भृशतीक्ष्णाभ्यां तं च विव्याध पाण्डव:।
स तु पार्थं त्रिभिर्विद्ध्वा सिंहनादमथानदत्॥ ६५॥
अनुवाद
इसके बाद पाण्डुपुत्र अर्जुन ने दो अत्यन्त तीक्ष्ण बाणों से सुदक्षिण को घायल कर दिया। तत्पश्चात सुदक्षिण भी तीन बाणों से पार्थ को घायल करके सिंह के समान दहाड़ने लगा।
After this, Arjuna, the son of Pandu, pierced Sudakshin with two very sharp arrows. Then Sudakshin too, after wounding Partha with three arrows, started roaring like a lion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥