Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.92.56-57: नरेश्वर ! शत्रुदमन श्रुतायुध को अपने ही अस्त्र से मारा हुआ देखकर मन में आया कि श्रुतायुध ने युद्ध न करने वाले श्रीकृष्ण पर गदा फेंकी थी। इसीलिए उस गदा ने उन्हें मार डाला है ॥56-57॥ | mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर ! शत्रुदमन श्रुतायुध को अपने ही अस्त्र से मारा हुआ देखकर मन में आया कि श्रुतायुध ने युद्ध न करने वाले श्रीकृष्ण पर गदा फेंकी थी। इसीलिए उस गदा ने उन्हें मार डाला है ॥56-57॥
Nareshwar! Seeing Shatrudaman Shrutayudha killed with his own weapon, it came to mind that Shrutayudha had thrown his mace at Shri Krishna who did not fight. That is why that mace has killed them. 56-57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥