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श्लोक  7.92.45-46h 
तस्य माताब्रवीद् राजन् वरुणं पुत्रकारणात्॥ ४५॥
अवध्योऽयं भवेल्लोके शत्रूणां तनयो मम।
 
 
अनुवाद
राजा! उसकी माता पर्नाशा ने अपने पुत्र के लिए वरुण से कहा - 'प्रभो! मेरा यह पुत्र इस संसार में शत्रुओं के लिए अजेय हो।'
 
King! His mother Parnasha spoke to Varuna for her son - 'Lord! May this son of mine be invincible for the enemies in this world.' 45 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)