Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.92.42-43h: उस महान् एवं शक्तिशाली योद्धा ने उनके घोड़ों और सारथि को शीघ्रता से मार डाला तथा सत्तर बाणों से श्रुतायुध को भी घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  7.92.42-43h 
अश्वांश्चास्यावधीत् तूर्णं सारथिं च महारथ:॥ ४२॥
विव्याध चैनं सप्तत्या नाराचानां महाबल:।
 
 
अनुवाद
उस महान् एवं शक्तिशाली योद्धा ने उनके घोड़ों और सारथि को शीघ्रता से मार डाला तथा सत्तर बाणों से श्रुतायुध को भी घायल कर दिया।
 
Also that great and powerful warrior quickly killed their horses and charioteer and also injured Shrutaayudha with seventy arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)