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mahabharat 7.92.41-42h: हे भरत! यह देखकर शत्रुओं का नाश करने वाले अर्जुन ने हँसते हुए श्रुतायुध को हजारों बाणों से पीड़ित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.92.41-42h 
ततोऽर्जुन: स्मयन्नेव श्रुतायुधमरिंदम:॥ ४१॥
शरैरनेकसाहस्रै: पीडयामास भारत।
 
 
अनुवाद
हे भरत! यह देखकर शत्रुओं का नाश करने वाले अर्जुन ने हँसते हुए श्रुतायुध को हजारों बाणों से पीड़ित कर दिया।
 
Bharata! Seeing this, Arjuna, the destroyer of enemies, smilingly afflicted Shrutayudha with thousands of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)