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mahabharat 7.92.39-40h: तब अर्जुन ने उसका धनुष काट डाला, तरकश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, फिर क्रोध में आकर उसकी छाती पर मुड़े हुए सात बाणों से प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.92.39-40h 
तस्यार्जुनो धनुश्छित्त्वा शरावापं निकृत्य च॥ ३९॥
आजघानोरसि क्रुद्ध: सप्तभिर्नतपर्वभि:।
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने उसका धनुष काट डाला, तरकश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, फिर क्रोध में आकर उसकी छाती पर मुड़े हुए सात बाणों से प्रहार किया।
 
Then Arjuna cut off his bow and broke his quiver into pieces. Then in anger he attacked his chest with seven arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)