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mahabharat 7.92.37-38h: तब अर्जुन ने अत्यन्त क्रोधित होकर राजा श्रुतायुध को मुड़ी हुई गांठों वाले नब्बे बाणों से उसी प्रकार घायल किया, जैसे वह लगाम से महान गजराज पर आक्रमण करता था ॥37 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  7.92.37-38h 
ततोऽर्जुनो नवत्या तु शराणां नतपर्वणाम्॥ ३७॥
आजघान भृशं क्रुद्धस्तोत्रैरिव महाद्विपम्।
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने अत्यन्त क्रोधित होकर राजा श्रुतायुध को मुड़ी हुई गांठों वाले नब्बे बाणों से उसी प्रकार घायल किया, जैसे वह लगाम से महान गजराज पर आक्रमण करता था ॥37 1/2॥
 
Then Arjuna became very angry and hit King Shrutayudha with ninety arrows with bent knots, just as he used to attack the great Gajraj with the reins. 37 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)