Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.92.31-32: उन्होंने कृतवर्मा का ध्वज और धनुष भी काट डाला। यह देखकर कृतवर्मा क्रोध से मूर्छित हो गए और उन्होंने दूसरा धनुष हाथ में लेकर उन दोनों योद्धाओं के धनुष काट डाले। इसके बाद उन्होंने उन पर बाणों की वर्षा शुरू कर दी। इसी प्रकार उन दोनों पांचाल योद्धाओं ने भी अन्य धनुषों पर प्रत्यंचा चढ़ाकर भोजवंशी कृतवर्मा पर प्रहार करना शुरू कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने कृतवर्मा का ध्वज और धनुष भी काट डाला। यह देखकर कृतवर्मा क्रोध से मूर्छित हो गए और उन्होंने दूसरा धनुष हाथ में लेकर उन दोनों योद्धाओं के धनुष काट डाले। इसके बाद उन्होंने उन पर बाणों की वर्षा शुरू कर दी। इसी प्रकार उन दोनों पांचाल योद्धाओं ने भी अन्य धनुषों पर प्रत्यंचा चढ़ाकर भोजवंशी कृतवर्मा पर प्रहार करना शुरू कर दिया।
They also cut off Kritavarma's flag and bow. Seeing this, Kritavarma fainted in anger and taking another bow in his hand, he cut off the bows of those two warriors. After that he started showering arrows on them. Similarly, those two Panchala warriors also strung other bows and started hurting Kritavarma of Bhojvanshi dynasty.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥