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mahabharat 7.92.14: अत्यन्त बुद्धिमान् अर्जुन ने हँसते हुए युद्धस्थल में तीक्ष्ण बाणों की वर्षा करने वाले द्रोणाचार्य को बाणों की वर्षा सहित रोक दिया ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 7.92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.92.14 
पार्थस्तु प्रहसन् धीमानाचार्यं सशरौघिणम्।
विसृजन्तं शितान् बाणानवारयत तं युधि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
अत्यन्त बुद्धिमान् अर्जुन ने हँसते हुए युद्धस्थल में तीक्ष्ण बाणों की वर्षा करने वाले द्रोणाचार्य को बाणों की वर्षा सहित रोक दिया ॥14॥
 
The extremely intelligent Arjuna, while smiling, stopped Dronacharya, who was showering sharp arrows on the battlefield, along with his shower of arrows. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)