श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 92: अर्जुनका द्रोणाचार्य और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए कौरव-सेनामें प्रवेश तथा श्रुतायुधका अपनी गदासे और सुदक्षिणका अर्जुनद्वारा वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.92.1 
संजय उवाच
संनिरुद्धस्तु तै: पार्थो महाबलपराक्रम:।
द्रुतं समनुयातश्च द्रोणेन रथिनां वर:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - जब महारथी और महान बल और पराक्रम से संपन्न अर्जुन को कौरव सैनिकों ने रोक लिया, तब द्रोणाचार्य भी तुरन्त उनका पीछा करने लगे।॥1॥
 
Sanjaya says: When Arjuna, the best of charioteers and endowed with great strength and valour, was stopped by those Kaurava soldiers, Dronacharya also immediately pursued him. ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)