Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.91.44: जिस प्रकार कोई चिकित्सा पद्धति रोग को फैलने से रोकती है, उसी प्रकार सभी कौरव योद्धाओं ने मिलकर पुरुषोत्तम अर्जुन को उस समय रोक दिया जब वह जयद्रथ को मारने के इरादे से आ रहा था। | mahabharat अध्याय 7.91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जयद्रथवधप्रेप्सुमायान्तं पुरुषर्षभम्।
न्यवारयन्त सहिता: क्रिया व्याधिमिवोत्थितम्॥ ४४॥
अनुवाद
जिस प्रकार कोई चिकित्सा पद्धति रोग को फैलने से रोकती है, उसी प्रकार सभी कौरव योद्धाओं ने मिलकर पुरुषोत्तम अर्जुन को उस समय रोक दिया जब वह जयद्रथ को मारने के इरादे से आ रहा था।
Just as a medical procedure stops a disease from breaking out, similarly all the Kaurava warriors together stopped Arjuna, the best of men, when he was coming with the intention of killing Jayadratha.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि द्रोणातिक्रमे एकनवतितमोऽध्याय:॥ ९१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें द्रोणातिक्रमणविषयक इक्यानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥