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श्लोक  7.91.3 
शिवेन ध्याहि मां ब्रह्मन् स्वस्ति चैव वदस्व मे।
भवत्प्रसादादिच्छामि प्रवेष्टुं दुर्भिदां चमूम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! कृपया मेरे कल्याण का विचार करें। मुझे स्वस्ति कहकर आशीर्वाद दें। मैं आपकी कृपा से ही इस अभेद्य सेना में प्रवेश करना चाहता हूँ।
 
Brahman! Please think about my welfare. Bless me by calling me Swasti. I want to enter this impenetrable army only by your grace. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)