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mahabharat 7.91.21: अर्जुन के प्रज्वलित बाणों से मारे गए रथ, घोड़े, हाथी और पैदल सेनाएँ प्रलयकाल में सूर्य की किरणों के समान, सूर्य की किरणों द्वारा अवशोषित किए गए जल के अद्भुत प्रवाह के समान प्रतीत हो रही थीं।   |   mahabharat अध्याय 7.91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.91.21 
रथाश्वद्विपपत्त्योघा: सलिलौघा इवाद्भुता:।
युगान्तादित्यरश्म्याभै: पाण्डवास्त्रशरैर्हता:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के प्रज्वलित बाणों से मारे गए रथ, घोड़े, हाथी और पैदल सेनाएँ प्रलयकाल में सूर्य की किरणों के समान, सूर्य की किरणों द्वारा अवशोषित किए गए जल के अद्भुत प्रवाह के समान प्रतीत हो रही थीं।
 
The chariots, horses, elephants and infantry killed by Arjuna's blazing arrows, like the rays of the Sun at the time of doomsday, appeared like a wonderful flow of water absorbed by the rays of the Sun. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)