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mahabharat 7.91.2: सेना के मुख पर खड़े हुए द्रोणाचार्य के पास पहुँचकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से अनुमति ली और हाथ जोड़कर यह कहा-॥2॥   |   mahabharat अध्याय 7.91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.91.2 
स तु द्रोणं समासाद्य व्यूहस्य प्रमुखे स्थितम्।
कृताञ्जलिरिदं वाक्यं कृष्णस्यानुमतेऽब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
सेना के मुख पर खड़े हुए द्रोणाचार्य के पास पहुँचकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से अनुमति ली और हाथ जोड़कर यह कहा-॥2॥
 
Reaching Drona, who was standing at the mouth of the formation, Arjun took permission from Lord Krishna and with folded hands said this -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)