Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.91.19: बहुत से हाथी, वज्रपात से टूटे हुए पर्वतों, वायु से उड़ते हुए भयंकर बादलों और आग से जलते हुए घरों के समान प्रतीत हो रहे थे, भूमि पर गिर रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत से हाथी, वज्रपात से टूटे हुए पर्वतों, वायु से उड़ते हुए भयंकर बादलों और आग से जलते हुए घरों के समान प्रतीत हो रहे थे, भूमि पर गिर रहे थे।
Many elephants, looking like mountains shattered by the strike of thunderbolts, fierce clouds driven by the wind, and houses ablaze with fire, were falling to the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥