Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.91.16: तत्पश्चात् उसने सात सौ और फिर एक हजार ऐसे बाण छोड़े जो किसी प्रकार रोके न जा सकते थे। तत्पश्चात् अर्जुन ने दस-दस हजार बाणों से आक्रमण किया। उन सब बाणों ने द्रोणाचार्य की उस सेना को नष्ट कर दिया॥16॥   |   mahabharat अध्याय 7.91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 91: अर्जुन और द्रोणाचार्यका वार्तालाप तथा युद्ध एवं द्रोणाचार्यको छोड़कर आगे बढ़े हुए अर्जुनका कौरव-सैनिकोंद्वारा प्रतिरोध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.91.16 
पुन: सप्तशतानन्यान् सहस्रं चानिवर्तिन:।
चिक्षेपायुतशश्चान्यांस्तेऽघ्नन् द्रोणस्य तां चमूम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने सात सौ और फिर एक हजार ऐसे बाण छोड़े जो किसी प्रकार रोके न जा सकते थे। तत्पश्चात् अर्जुन ने दस-दस हजार बाणों से आक्रमण किया। उन सब बाणों ने द्रोणाचार्य की उस सेना को नष्ट कर दिया॥16॥
 
After that he shot seven hundred and then one thousand such arrows which were not to be stopped in any way. After that Arjuna attacked with ten thousand arrows each. All those arrows destroyed that army of Dronacharya.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)