श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.90.33 
एवं दु:शासनबलं वध्यमानं किरीटिना।
सम्प्राद्रवन्महाराज व्यथितं सहनायकम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! किरीटधारी अर्जुन के इस प्रकार आघात से दु:शासन की सेना अत्यन्त व्याकुल हो गई और अपने नायक सहित भाग गई।
 
Maharaj! Being thus struck by the crown-wearing Arjun, Dushasan's army became very distressed and fled along with its leader.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)