श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.90.29 
सचापा: साङ्गुलित्राणा: सखड्गा: साङ्गदा रणे।
अदृश्यन्त भुजाश्छिन्ना हेमाभरणभूषिता:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित वीरों की कटी हुई भुजाएँ, उनके धनुष, दस्ताने, तलवारें और बाजूबंद के साथ युद्धभूमि में पड़ी हुई दिखाई दे रही थीं।
 
The severed arms of the heroes, adorned with golden ornaments, were seen lying on the battlefield along with their bows, gloves, swords and armlets.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)