श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.90.24 
अतिविद्धाश्च नाराचैर्वमन्तो रुधिरं मुखै:।
सारोहा न्यपतन् भूमौ द्रुमवन्त इवाचला:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
बहुत से हाथी अपने सवारों सहित बाणों से बुरी तरह घायल होकर, मुँह से रक्त उगलते हुए, वृक्षों से आच्छादित पर्वतों के समान नीचे गिर पड़े॥ 24॥
 
Many elephants, along with their riders, were badly injured by arrows, vomiting blood from their mouths and falling down like mountains covered with trees.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)