श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.90.22 
यन्त्रबद्धा विकवचा व्रणार्ता रुधिरोक्षिता:।
भ्रमत्सु युधि नागेषु मनुष्या विललम्बिरे॥ २२॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में घूमते हाथियों पर कई लोग ऐसे लटके हुए थे मानो उन्हें किसी मशीन से जड़ दिया गया हो। उनके कवच नष्ट हो चुके थे। वे घावों से पीड़ित थे और खून से लथपथ थे।
 
Many men were hanging on the elephants moving around the battlefield as if they were fixed there by some machine. Their armour was destroyed. They were suffering from wounds and were soaked in blood.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)