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mahabharat 7.90.18: अर्जुन के बाणों से घायल होकर वे हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ने लगे और पंख कटे हुए पर्वतों के समान भूमि पर गिरते चले गए।   |   mahabharat अध्याय 7.90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुनके बाणोंसे हताहत होकर सेनासहित दु:शासनका पलायन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.90.18 
आरावं परमं कृत्वा वध्यमाना: किरीटिना।
निपेतुरनिशं भूमौ छिन्नपक्षा इवाद्रय:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के बाणों से घायल होकर वे हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ने लगे और पंख कटे हुए पर्वतों के समान भूमि पर गिरते चले गए।
 
After being struck by Arjuna's arrows, those elephants screamed loudly and kept falling to the ground like mountains with their wings clipped.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)