Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.9.32-33h: जो सत्यवादी और भगवान् के प्रति समर्पित थे, उन धर्मात्मा द्रोणाचार्य को राज-धन के लोभी मनुष्यों ने कैसे मार डाला, जो अपनी जीविका के लिए संसार के समस्त धनुर्धरों की शिक्षा का आश्रय लेते हैं? ॥32 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.9: द्रोणाचार्यकी मृत्युका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका शोक करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्य कर्मानुजीवन्ति लोके सर्वधनुर्भृत:॥ ३२॥
स सत्यसंध: सुकृती श्रीकामैर्निहत: कथम्।
अनुवाद
जो सत्यवादी और भगवान् के प्रति समर्पित थे, उन धर्मात्मा द्रोणाचार्य को राज-धन के लोभी मनुष्यों ने कैसे मार डाला, जो अपनी जीविका के लिए संसार के समस्त धनुर्धरों की शिक्षा का आश्रय लेते हैं? ॥32 1/2॥
How was that virtuous Dronacharya, who was truthful and committed to God, killed by those greedy for royal wealth, who take shelter in the teachings of all the archers of the world for their livelihood? ॥32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥