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mahabharat 7.9.26-27h: किरीटधारी अर्जुन द्वारा रक्षित उग्र स्वभाव वाले धृष्टद्युम्न के अतिरिक्त मैं किसी अन्य को परम तेजस्वी द्रोणाचार्य को मारने में समर्थ नहीं देखता हूँ ॥26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.9: द्रोणाचार्यकी मृत्युका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका शोक करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 9: द्रोणाचार्यकी मृत्युका समाचार सुनकर धृतराष्ट्रका शोक करना  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.9.26-27h 
न ह्यहं परिपश्यामि वधे कञ्चन शुष्मिण:॥ २६॥
धृष्टद्युम्नादृते रौद्रात् पाल्यमानात् किरीटिना।
 
 
अनुवाद
किरीटधारी अर्जुन द्वारा रक्षित उग्र स्वभाव वाले धृष्टद्युम्न के अतिरिक्त मैं किसी अन्य को परम तेजस्वी द्रोणाचार्य को मारने में समर्थ नहीं देखता हूँ ॥26 1/2॥
 
Apart from Dhrishtadyumna of fierce nature, protected by the crowned Arjuna, I do not see anyone else capable of killing the most brilliant Dronacharya. 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)