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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.89.9 
तपनीयतनुत्राणा: संसिक्ता रुधिरेण च।
संसक्ता इव दृश्यन्ते मेघसंघा: सविद्युत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
स्वर्ण कवच पहने और खून से लथपथ मृत योद्धाओं के शरीर एक दूसरे के पास पड़े हुए, बिजली के बादलों के समान दिख रहे थे।
 
The bodies of the dead warriors, dressed in golden armour and soaked in blood, lying close to each other, looked like clouds of lightning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)