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mahabharat 7.89.28: हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले राजन! इस प्रकार उस युद्धस्थल में अर्जुन के बाणों से पीड़ित होकर आपके पुत्र की सेना अत्यन्त दुःखी होकर तुरन्त वहाँ से भाग गई।   |   mahabharat अध्याय 7.89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.89.28 
तत् तथा तव पुत्रस्य सैन्यं युधि परंतप।
प्रभग्नं द्रुतमाविग्नमतीव शरपीडितम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले राजन! इस प्रकार उस युद्धस्थल में अर्जुन के बाणों से पीड़ित होकर आपके पुत्र की सेना अत्यन्त दुःखी होकर तुरन्त वहाँ से भाग गई।
 
O King who torments his enemies! Thus on that battlefield, your son's army, afflicted by Arjuna's arrows, lost its footing and fled from there immediately, greatly distressed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)